जो बंदूक़ कि नोक पर दहशत फैलाता था वो अब खुद अपने हाथों से सिलकर कोरोना से बचने मास्क बना रहा है
सुकमा ।जो कभी खुद बंदूक़ लेकर लोगों कि जान लेने उतारू रहता था,वोह पूर्व नक्सली अब जनता के लिए जानलेवा बीमारी कोरोना से बचने मास्क सिलरहा है,दरसल नक्सलियों के खोखली विचार धारा को छोड़कर कुछ दिन पहले आए आत्म समर्पित नक्सली मड़कम लक्खा के द्वारा पुलिस लाइन सुकमा में अपने हुनर का प्रयोग करते हुए कपड़े का मास्क तैयार किया जा रहा है!इस मास्क का उपयोग सुकमा जिले के सभी पुलिस कर्मी और जरूरत मंद लोग करेंगे !कोरोना वायरस को रोकने के लिए मड़कम लक्खा का ये योगदान सराहनीय है । सलाम है इनके जज्बे को क्योकि सोच बदलेगा तो सुकमा बदलेगा ।
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*हैवान से बना इंसान:* सुकमा एस॰पी॰शलभ सिन्हा ने बताया लक्खा को नक्सली ग़लत कामों मे नाजायज़ तरीक़े से इस्तेमाल करते थे,हमारे पास आकर लक्खा इंसान बना है,और मानवता कि मिसाल क़ायम करते हुए कोरोना जैसे बीमारी से बचने सैंकड़ों मास्क खुद सिल रहा है,एस॰पी॰शलभ ने कहा सभी भटके हुए नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर अपना जीवन सार्थक बनायें।

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