रायपुर के बाद, रायगढ़ में 45 डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा , राज्य में पाए गए 15 नए कोरोना पॉज़िटिव, गरियाबंद के क्वारेंटाइन केंद्र में गर्भवती महिला की मृत्यु
CG News रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के 15 डॉक्टरों के इस्तीफे के बाद, लखीराम अग्रवाल मेडिकल कॉलेज के 45 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी रायगढ़ में इस्तीफा दे दिया है। यहां भी डॉक्टर वेतन न मिलने और गलत तरीके से लगाई गई ड्यूटी और कोविद वार्ड में सुरक्षा और सुविधाओं से नाराज थे। इसको लेकर डॉक्टरों ने कई बार नाराजगी जताई थी। फिलहाल, बुधवार रात से डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं जा रहे हैं। हालांकि, कॉलेज के डीन डॉ। पीएम ल्यूक ने कहा है कि उन्हें अभी तक इस्तीफा नहीं मिला है। यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर चाहें तो इस्तीफा दे सकते हैं।
वास्तव में, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में, 2014 बैच
के जूनियर बैच को सरकार के आदेश के बाद इंटर्न के समाप्त होते ही शामिल कर लिया गया
था। डॉक्टरों का कहना है कि उनके वेतन में गड़बड़ी है। इसको लेकर शिकायतें भी की गईं।
इसी समय, उन्हें आगे धकेल दिया जाता है जबकि कोरोना वार्ड में ड्यूटी के दौरान सीनियर
गायब रहते हैं। सुरक्षा के लिए कोई सुविधा भी नहीं दी जाती है। इस बारे में कई बार
शिकायतें भी की गईं। जूनियर डॉक्टर इस्तीफा देने की बात को स्वीकार करते हैं, लेकिन खुलकर
बोलने को तैयार नहीं होते। वहीं, डीन ल्यूक का कहना है कि डॉक्टरों की समस्याओं को
दूर किया जा रहा है। वेतन विसंगति अलग-अलग समय पर उनके शामिल होने के कारण है। उन्हें
सोशल मीडिया से इस्तीफे के बारे में भी जानकारी मिली है।
एक दिन पहले रायपुर में 15 डॉक्टरों ने इस्तीफा
दे दिया
इससे पहले बुधवार को रायपुर के पंडित जवाहरलाल
नेहरू मेडिकल कॉलेज में 15 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने दो महीने से वेतन न मिलने के
कारण इस्तीफा दे दिया था। वह चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों से मिलने गए।
अधिकारियों की संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद इस्तीफा देने का निर्णय लिया
गया। इनमें स्टेट और ऑल इंडिया कोटे से एमबीबीएस करने वाले छात्र शामिल हैं। जूनियर
रेजिडेंट के कोरोना को ओपीडी से आइसोलेशन वार्ड तक ले जाया जा रहा है। कोरोना संकट
के मद्देनजर, मार्च में इंटर्नशिप पूरा करने वाले एमबीबीएस छात्रों को जूनियर रेसिडेंट बनाया गया था।
383 छात्र जिन्हें राज्य में जूनियर रेसिडेंट बनाया गया था, वेतन तय नहीं है
राज्य में 383 छात्र थे जिन्हें जूनियर रेजिडेंट
बनाया गया था। पोस्टिंग हो चुकी है लेकिन अब तक उनका वेतन तय नहीं हुआ है। रायपुर के
अलावा, ऐसे डॉक्टर राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर में सेवाएं दे रहे थे। जूनियर रेजिडेंट
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी ड्यूटी कोरोना ओपीडी में आइसोलेशन वार्ड में लगाई जा रही
है। बिलासपुर की जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सिमोना संक्रमित हो गई हैं। उनका बिलासपुर
कोविद अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, डीकेएस अस्पताल में सेवारत संविदा और दैनिक
वेतनभोगी नर्सों को भी दो महीने से वेतन नहीं मिला है।
राज्य में सक्रिय कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या
298 तक पहुंच गई
राज्य के संगरोध केंद्र में मृत्यु की सिलसिला शुरू हो गई है। आत्महत्या के बाद लोग बीमारी से मर रहे हैं। बालोद में गुरुवार सुबह 4 महीने के बच्चे के बाद गरियाबंद के क्वारेंटाइन सेंटर में एक गर्भवती महिला की भी मौत हो गई है। महिला मैनपुर विकास खंड के धरणीधोरा गांव में एक संगरोध केंद्र में रह रही थी। गुरुवार दोपहर तक 12 नए कोरोना सकारात्मक रिपोर्ट आयी हैं। मुंगेली में 9, बिलासपुर में 2 , रायगढ़ में 2 ,बिलासपुर और कांकेर में 1-1 इसकी पुष्टि हुई है। इसके बाद, राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 298 तक पहुंच गई। संक्रमितों की कुल संख्या 371 तक पहुंच गई है।
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आज 12 नए कोरोना पाज़िटिव मरीज़ों की पहचान की गई , जिला मुंगेली से 9,बिलासपुर से 2 व कांकेर से 1। राज्य में एक्टिव मरीजों की कुल संख्या 298 हो गई है। #ChhattisgarhFightsCorona @TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO @Niharikaspeaks
— Health Department CG (@HealthCgGov) May 28, 2020

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