छेड़छाड़ के आरोपी ने
किशोरी की हत्या की, फोन पर बुआ से कहा- तुम्हारी भतीजी का मर्डर कर दिया है, लाश
चौक पर पड़ी है
बिलासपुर। छेड़छाड़ का मुकदमा वापस नहीं लेने पर
युवक किशोरी की हत्या कर फरार हो गया। 20 दिन पहले उसने किशोरी के पिता को फोन पर धमकी
दी थी। यह कहा गया था कि अगर वह मुकदमा वापस नहीं लेता है, तो वह उसकी बेटी को मार
डालेगा। धमकी के डर से पिता ने बेटी को उसकी बहन के घर छोड़ दिया। आरोपी भी वहां पहुंच
गए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पूरे दिन उसकी
तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। घटना कोटा क्षेत्र के लामेर गांव में घटी।
कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम कछार निवासी वंसिका उर्फ
मुस्कान मानिकपुरी पिता मनहरण 16 वर्ष 12 वर्ष का छात्र था। वह कोटा क्षेत्र के ग्राम
लमार में अपनी बुआ प्रिया मानिकपुरी पति मनीषदास मानिकपुरी 30 वर्ष के साथ रह रही
थी। दीपक ने 3.05 बजे किशोरी की बुआ को फोन किया और कहा कि मैंने तुम्हारी भतीजी को
मार दिया है। उनकी लाश शिव मंदिर चौक पर पड़ी है। सुनकर बुआ के होश उड़ गए। किशोरी
घर पर नहीं थी। उसने घर के अन्य सदस्यों को बताया और सभी किशोरी को खोजने गए।
जब वह युवक द्वारा बताए गए स्थान पर गया, तो किशोरी
वहां पड़ी मिली। तब उसके शरीर में हलचल हुई। वह सांस ले रही थी। लेकिन कुछ बोल नहीं
पा रही थी। 108 से उन्हें कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां डॉक्टरों
ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। कोटा पुलिस ने शव को कब्जे
में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और आरोपी युवक की तलाश शुरू कर दी। शुक्रवार को उसका पता
नहीं चल सका। पुलिस उसके दोस्तों से पूछताछ कर रही है।
पिता ने डर से बेटी को बहन के गांव भेज दिया
किशोरी पिछले साल सरकंडा के एक स्कूल में 11 वीं
की पढ़ाई कर रही थी। दीपक यहां आता था और उसके साथ छेड़खानी करता था। जब किशोरी ने
इस बारे में सरकंडा पुलिस स्टेशन में शिकायत की, तो पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट
की धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जमानत पर
रिहा होने के बाद, वह लगातार किशोरी के परिवार को केस वापस लेने की धमकी दे रहा था।
20 दिन पहले, उसने किशोरी के पिता से कहा कि अगर
उसने मुकदमा वापस नहीं लिया, तो वह उसकी बेटी को मार देगा और उसने वास्तव में ऐसा किया।
किशोरी के साथ दुष्कर्म की भी आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन पुलिस
द्वारा प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ।
सिर के आगे और पीछे खून नहीं बहा था।
किशोर के सिर के पीछे और माथे पर चोट थी। कोई खून
नहीं बहा था। पिछला हिस्सा चुलबुला था। इसी तरह से उसके बाल पकड़ कर खींचे जाते थे।
घटना में
अन्य का संदेह
पुलिस को शक है कि दीपक कुछ अन्य लोगों के साथ
अपराध में शामिल हो सकता है। टीआई राजकुमार शौरी का कहना है कि घटना कहीं और हुई होगी
और लाश कहीं और लाई गई थी। यह काम केवल एक युवक नहीं कर सकता।
एक बजे तक सब कुछ ठीक था, मुझे 3.05 बजे कॉल आया
किशोरी की बुआ प्रिया ने पुलिस को दिए बयान में
कहा है कि रात करीब 1 बजे तक सब कुछ ठीक था। किशोरी सामान्य थी और टीवी देख रही थी।
इसके बाद सभी सो गए। 3.05 बजे, जब किशोरी के मोबाइल फोन पर कॉल आया, तो वह जाग कर किशोरी को देखि तो वह गायब मिली। उसने फोन उठाया। दूसरी तरफ से दीपक की आवाज सुनाई दी। उसने कहा मैंने
तुम्हारी भतीजी की हत्या की है। उसका शव चौक में पड़ा है।
वह कैसे निकली, युवक ने क्या फोन कर बुलाया,
आरोपी के मिलने से पता चल जाएगा
किशोरी की हत्या के बाद, कई सवाल हैं जिनका जवाब
मिलना बाकी है। इसका पता आरोपी युवक के लगने के बाद ही चलेगा। किशोरी रात में घर से
50 मीटर दूर मौके पर कैसे पहुंच गई। क्या युवक ने उसे फोन किया या वह आया और उसे जबरन
ले गया। किशोरी का मोबाइल बंद है। पुलिस ने उसे जांच के लिए साइबर सेल को सौंप दिया
है। कॉल डिटेल में पता चलेगा कि दीपक ने उसे रात को बाहर बुलाया था या फिर उसका अपहरण
किया गया था।
आरोपी के पिता ने आत्महत्या कर ली
कोटा पुलिस के अनुसार, दीपक श्रीवास्तव के पिता ने 15-20 दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। उसने ट्रेन के सामने जाकर कट गया था। आत्महत्या करने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। गाँव के लोग कहते हैं कि वह एक अच्छा आदमी था। बेटे के दुष्कर्मों से वह चिंतित था। इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली।
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