रविवार को सुबह 10.10 बजे से शुरू हुआ सूर्यग्रहण दोपहर 1.42 बजे तक रहा। इंदौर-उज्जैन में ग्रहण का पर्वकाल 3 घंटे 32 मिनट तक रहा। आषाढ़ी अमावस्या, रविवार, मृगशिरा-आर्द्रा नक्षत्र, गंड-वृद्धि योग में घटित हुआ यह सूर्यग्रहण पूरे भारत वर्ष में खंडग्रास के रूप में दिखाई दिया। इंदौर में रविवार सुबह आसमान पर बादल छाए हुए थे लेकिन 11 बेज के आसपास बादल छंट गए और आसमान साफ हो गया। देश में सबसे पहले गुजरात के भुज में सुबह 9.58 बजे इस साल के पहले सूर्यग्रहण की शुरुआत हुई थी जो चार घंटे बाद यह असम के डिब्रूगढ़ में 2.29 मिनट पर समाप्त होगा। इससे पहले दिसंबर 2019 में सूर्य ग्रहण लगा था।
स्नानव दान का फल कई गुना
पंडितों के अनुसार ग्रहण स्पर्श के समय स्नान व मंत्र जप, मध्य में हवन-पूजन व मोक्ष के समय स्नान व दान का विशेष महत्व है। ग्रहण काल मंत्र सिद्धि का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। रविवार को ग्रहण होने से चूड़ामणि योग भी बना है।
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