छत्तीसगढ़ : सर्दी-जुकाम
या स्वांस के मरीजों की जांच होगी, मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर को पत्र भेजा
रायपुर. प्रदेश में हर उस
व्यक्ति की निगरानी की जाएगी, जिसे सर्दी-जुकाम है या श्वांस की बीमारी। इन
सभी लोगों की जांच भी होगी। इसे लेकर सर्कार के द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्य सचिव आरपी
मंडल ने सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में इसे लेकर
सजग रहें। फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें और इस काम को
सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए। स्वास्थ्य विभाग के सचिव और सभी संभाग
आयुक्तों को जल्द जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
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सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के काम
शुरू किए गए हैं। इसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए काम करवाया जा रहा
है। मनरेगा के तहत गांव में होने वाले छोटे-मोटे विकास कार्य में मजूदरे ग्रामीण
ही करते हैं, जैसे तालाब वगैरह बनाना। अकेले रायगढ़ जिले में 1 अप्रेल के बाद से
श्रमिकों को एक करोड़ 14 लाख रूपए से अधिक की मजदूरी का भुगतान किया गया है।
रायगढ़ जिले के नौ विकासखण्डों के 473 ग्राम पंचायतों में एक हजार 512 मनरेगा से
जुडे काम हो रहे हैं। इनमें 13 हजार 684 मजदूरों को काम मिला हुआ है।

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