छत्तीसगढ़ में शराब पर 3 मई तक रोक, सरकारी काम में अब जूम एप का इस्तेमाल नहीं
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के
निर्देश के अनुपालन में राज्य सरकार ने शराब बिक्री पर 3 मई तक रोक लगा दी है।
इससे पहले कोर्ट ने शराब दुकानों को खोलने के लिए बनी बेवरेज कारपारेशन की कमेटी
को भंग कर दिया था। सरकार ने शराब बिक्री पर पहले 20 अप्रैल तक रोक लगाई थी। इसके
साथ ही जूम एप से सरकारी काम और कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी रोक लगा दी गई
है।
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जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस गौतम भादुड़ी की विशेष खंडपीठ ने बेवरेज कमेटी को
निरस्त किया था। साथ ही सरकार को इसपर उचित निर्णय लेने अदेश दिया था। इसके पालन
में शुक्रवार को राज्य शासन ने प्रदेश में शराब बिक्री पर 3 मई तक रोक लगा दी है।
ममता शर्मा ने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से याचिका दायर कर शराब बिक्री पर
रोक लगाने की मांग की थी।
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हाईकोर्ट ने अब जूम एप की जगह दूसरे माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग करने और इसके
जरिए सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इसी कारण से 17 अप्रैल को होने वाली सुनवाई
अब 20 अप्रैल को हाेगी। लॉकडाउन की वजह से जूम एप यूजर्स की संख्या में अचानक
वृद्धि हुई है, लेकिन इसकी सुरक्षा में भी सवाल उठने लगे। जिसके बाद केंद्र सरकार
ने एडवाइजरी जारी कर इस्तेमाल न करने की बात कही है।
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विशेष बेंच में सात जनहित याचिका की सुनवाई होगी। इसमें हाईकोर्ट ने एक चिट्ठी को
स्वत: संज्ञान लेकर कोरोना से बचाव, सुविधा और संसाधन को लेकर जनहित याचिका
स्वीकार की गई है। साथ ही लाॅकडाउन के दौरान खाने का आधिकार, पुलिस प्रताड़ना पर
गाइडलाइन बनाने, बिलासपुर में पुलिस द्वारा पिटाई, मनरेगा में मजदूरी न कराने, अधिवक्ताओं,
क्लर्क और फोटोकाॅपी व्यवसाय से जुड़े लोगों को मदद दिलाने की याचिका पर सुनवाई
होगी।
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