छत्तीसगढ़ : राज्य सरकार तय करेगी प्राइवेट
स्कूलों की फीस, सरकार ने आम लोगों से मांगे सुझाव,
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार
ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। इसके
लिए सरकार छत्तीसगढ़ फीस विनियमन अधिनियम 2020 बनाने की तैयारी में है। इसको
लेकर सरकार ने प्रदेश के आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। कोई भी व्यक्ति 15 मई तक इस संबंध में अपने सुझाव सरकार को दे सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग
ने इस संबंध में एक ईमेल आईडी जारी की है, जिसमे ईमेल करके सरकार को सुझाव दिए जा सकेंगे।
संचालक लोक शिक्षण
संचालनालय की ओर से इस संबंध में सूचना जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने
फीस विनियमन के प्रारूप की विभिन्न धाराओं पर सुझाव मांगे हैं। इसे बिंदुवार विभाग
की ईमेल dpifee2020@gmail.com पर भेजना है। कोई भी व्यक्ति इस संबंध में अपने सुझाव 15 मई को 3 बजे तक ईमेल पर भेज सकता हैं।
इन्हीं सुझाव के आधार पर अधिनियम का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश
बघेल ने प्राइवेट स्कूलों से फीस नहीं लेने की अपील बार-बार की थी। उसके बावजूद कुछ प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्राइवेट
स्कूलों की फीस को तय किया जाना है। इसे लेकर अनुसंशा देने के लिए स्कूल शिक्षा
मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिपरिषद उप समिति का
गठन किया गया है।
ये भी पढ़े -मध्यप्रदेश में आज 106 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन
मंत्रिपरिषद उप समिति की बैठक में शामिल सदस्यों में गृहमंत्री
ताम्रध्वज साहू और कृषि मंत्री रविंद्र चौबे सहित स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख
सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, संचालक लोक शिक्षण जितेंद्र शुक्ला ने
यह निर्णय लिया कि लोगों के सुझाव के माध्यम से आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके
लिए संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक एके बंजारा को नोडल अधिकारी बनाया
गया है।

No comments:
Post a Comment