अब
कोटा से लौटे छात्रों को क्वारैंटाइन सेंटर में नहीं रहना होगा, सीधे भेजे जाएंगे घर आदेश जारी
रायपुर | प्रदेश के अलग-अलग जिलों
में क्वारैंटाइन सेंटर में रह रहे छात्र घर जा सकेंगे। इन सभी को कोटा राजस्थान से राज्य सरकार बस से छत्तीसगढ़ लेकर आयी थी। इन सभी बच्चो को 14 दिनों तक क्वारैंटाइन सेंटर में
ही रहना अनिवार्य था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। करीब
सप्ताह भर पहले ही बच्चों को लाया गया हैं। बच्चों के परिजन क्वारैंटाइन सेंटर में
गर्मी, खाने की व्यवस्था, बिजली,
टॉयलेट की सफाई को लेकर सवाल उठा रहे थे। लगातार प्रशासन से होम
क्वारैंटाइन की मांग भी कर रहे थे। कुछ सेंटर से आज शाम को ही बच्चों को उनके घर
भेजा जाएगा, जबकि कुछ जगहों पर यह कार्यवाही बुधवार शुरू होगी।
रायपुर
जिले के क्वारैंटाइन सेंटर में रह रहे कोटा से वापस आये बच्चों को वापस भेजा जा रहा है। सरदार
बलबीरसिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से यह सिलसिला शुरू होगा। कलेक्टर डॉ एस भारती
दासन ने बताया कि बच्चे अभी स्वस्थ हैं। 14 दिनों की कुल क्वेरेंटाइन अवधि में अब वे अपने घरों में होम क्वारंटाइन में रहेंगे। घर रवानगी
के पहले इसका वचन पत्र भी पालकों से लिया जाएगा । रायपुर जिले के 136 बच्चे कबीरधाम और बेमेतरा जिले में क्वारेन्टाइन किये गये थे। रायपुर 704
बच्चों को क्वारैंटाइन किया गया था।
बच्चों
को वापस भेजने की तैयारी सभी जगहों पर की जा रही है। दुर्ग जिले में स्थित रुंगटा
कॉलेज को क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर के प्रभारी अमित घोष ने बताया
कि बच्चों से तैयारी करने को कहा गया है, जिला प्रशासन कल बुधवार को
इन्हें इनके घर ले जाएगा। बिलासपुर के तहसीलदार अभिषेक राठौर ने बताया कि सभी जगहों से
बच्चों को वापस उनके घर भेजा जाएगा। बिलासपुर में प्रक्रिया कल से शुरू होगी।
रायपुर, दुर्ग समेत रायगढ़, कवर्धा,
बेमेतरा, कांकेर में 2500 बच्चों को क्वारैंटाइन किया गया था।
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